रंजिशें उन्हों ने की :- MrSikaari

रंजिशें उन्हों ने की,
हम ने तो ईश्क़ बयां किया।।
नक्श उनके हमें यूँ मार गये,
इस भँवरे ने तो उनका दीदार किया।।
उनके बाबरी(ज़ुल्फ़) का दिया ग़म हम भुला न सके,
तमन्ना तो हमसाया बनने की थी।
उनकी मैहूम निगाहों ने छाँट दिया।।

Comments

Popular Posts from Authors.

हमारी जीवंत संस्कृति और परंपरा के प्रति समाज और हमारे देशवासियों की विडंबना।

जो चेहरे पहरे के सरताज होते है। :- Niru

WHEN I FIRST MET HER :-VINEET (26MAY 2020)